अयोध्या और राममंदिर बीजेपी की बपौती नहीं: उमा भारती

भोपाल। राम मंदिर आंदोलन की अगुआ रहीं मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने राममंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम से पहले बड़ा बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या और राममंदिर बीजेपी की बपौती नहीं हैं, राम सबके हैं, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों या चाहे जहां रहते हों, जिनकी राम में आस्था है, उनका राम एवं अयोध्या पर बराबर का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई यह मानेगा कि राम एवं अयोध्या पर उनका ही अधिकार है, तो यह अहंकार होगा और इस अहंकार में नुकसान उसका ही होगा, वह खत्म हो जाएगा।


भाजपा की तेज तर्रार नेत्री उमा भारती का यह बयान उस वक्त आया है, जब अयोध्या में 5 अगस्त को राममंदिर के भूमि पूजन की तैयारियां चल रही हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंच रहे हैं। उमा भारती भी उस दिन अयोध्या में ही रहेंगी। उमा भारती ने यह भी जानकारी दी है कि वे अयोध्या में रामलला के दर्शन कार्यक्रम समाप्त होने एवं प्रधानमंत्री मोदीजी के वहां से चले जाने के बाद करेंगी।

उमा भारती के इस बयान के बाद भाजपा एवं संघ सदमे में हैं और किसी ने भी उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। उमा भारती की प्रतिक्रिया भूमिपूजन के मुहूर्त पर उठ रहे सवाल के बाद आई है। सूत्रों के अनुसार उमा भारती भूमिपूजन कार्यक्रम से इसलिए भी नाराज चल रही हैं कि इस आयोजन में सनातन धर्म को मानने वालों की उपेक्षा की गई है, शंकराचार्यों को कार्यक्रम का निमंत्रण तक नहीं दिया गया है यहां तक कि उस ब्राह्मण समुदाय को भी भूमिपूजन के आयोजन से दूर रखा गया है, जिस कारण ब्राह्मणों में भी नाराजगी है।

भूमिपूजन के अशुभ मुहूर्त को लेकर भाजपा एवं संघ के आस्थावान नेता चिंतित है। वे दवी जुवान में कहते हैं कि जिस दिन से राममंदिर के भूमिपूजन की तैयारियां शुरू हुई हैं, उसके बाद से भाजपा के एक के बाद एक कई नेता एवं मंत्री कोरोना पाजिटिव होते जा रहे हैं। उप्र की एक मंत्री की मौत हो चुकी है। मप्र एवं कर्नाटक के मुख्यमंत्री पाजिटिव हैं। गृहमंत्री अमित शाह भी पाजिटिव हो चुके हैं। भाजपा के कई प्रदेश अध्यक्ष कोरोना पाजिटिव हैं। संघ से जुड़े सैकड़ों स्वयंसेवक भी कोरोना पाजिटिव होते जा रहे हैं। संत एवं पंडितों की ओर से उठाए गए मुहूर्त के मुद्दे पर अब भाजपा के अंदर भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट कर इसे चर्चा में ला दिया है। बहरहाल, तमाम किन्तु परन्तु के बाद होना वही है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी तय कर चुके हैं, इसीलिए उमा भारती का बयान सिर्फ खबर भर है, इससे अधिक कुछ नहीं।

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