राम मंदिर निर्माण एवं प्रदेश की खुशहाली के लिए कमलनाथ के आव्हान पर लाखों परिवारों में शुरू हुआ हनुमान चालीसा का पाठ

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने न्यायलय के निर्णय के बाद शुरू हो रहे राम मंदिर निर्माण का स्वागत करते हुए इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं प्रदेश के नागरिकों से 4 अगस्त को सुबह 11.30 बजे अपने-अपने घरों एवं मंदिरों में हनुमान चालीस का पाठ करने का आव्हान किया था। उन्होंने कहा था कि यह ऐसा हर व्यक्ति के लिए खुशी का मौका है, लंबे इंतजार के बाद भगवान राम का मंदिर बन रहा है, इसीलिए हर व्यक्ति को इस मौके पर अपनी आस्थाएं व्यक्त करते हुए जनता की खुशहाली के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए, भगवान राम तक पहुंचने के लिए हनुमान के चरणों में पहुंचना होगा। जैसे ही हनुमान चालीसा पाठ शुरू करने का नियत समय 11.30 आया वैसे ही प्रदेशभर में एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हुआ, देखते ही देखते सोशल मीडिया इस आयोजन की तस्वीरों एवं वीडियो से भर गया।

कमलनाथ के निवास पर हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर ठीक 11,.30 बजे हनुमान चालीसा का पाठ विधि विधान से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। कोरोना में शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए कार्यक्रम की शुरूआत भगवान राम एवं हनुमान की पूजा अर्चना के साथ हुई। कार्यक्रम की शुरूआत पंडितों ने विधिविधान से कराई और कमलनाथ सहित वहां उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।

प्रदेशभर में पढ़ा गया हनुमान चालीसा
सोशल मीडिया पर एक घंटे के अंदर मिली जानकारियों के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने कमलनाथ के आव्हान पर उत्साह के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। हर शहर में हनुमान मंदिरों पर हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन हुआ, इस आयोजन में आम नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और उन्होंने अपने-अपने घरों पर हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, यह सिलसिला जारी है, शाम तक इस आयोजन में लोगों का वास्तरिक आंकड़ा आ सकेगा। लेकिन जिस उत्साह से कांग्रेस कार्यकर्ता एवं आम नागरिक कमनलाथजी के आव्हान में शामिल हुए हैं, उसने एक संदेश दिया है कि भगवान राम भाजपा की बपौती नहीं हैं, इसीलिए अब जब राम मंदिर का निर्माण शुरू होने जा रहा है, भाजपा को इस मुद्दे पर राजनीति करना बंद करनी चाहिए।

भाजपा गुमराह करती है धर्म के ठेकेदार बनती है: कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक टीवी चैनल को साक्षात्कार देते हुए कहा था कि भाजपा धर्म की टेकेदार न बने, राम मंदिर के निर्माण का रास्ता कांग्रेस ने खोला था, भाजपा ने तो राम के नाम पर सिर्फ राजनीति की है, जिसे वह अब भी करना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने देंगे। चैनल से चर्चा में उन्होंने कहा था: राम मंदिर का निर्माण भले ही अयोध्या में हो रहा हो, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास संबंधी पूजन में शामिल हो रहे हो, विगत 25 वर्षों से देश की जनता अच्छे से जानती है की कारसेवक कौन थे?और कुर्बानी देने वाले कौन थे ? कांग्रेस ने राष्ट्रीय परिदृश्य पर राम मंदिर के लिए क्या किया ? कमलनाथ ने आज तक न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा राजनीति की है क्योंकि राजनीति करने का धर्म के नाम पर ठेका भारतीय जनता पार्टी ने ले रखा है । वास्तविकता सभी लोग जानते हैं प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1985 में मंदिर का ताला खुलवाया था और 1989 में शिलान्यास की बात कही थी लेकिन हम राजनीतिक रूप से मंच पर नहीं आए क्योंकि हमें धार्मिक भावना नहीं भड़का नी थी । उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मंदिर पर कोर्ट के फैसले का सम्मान किया सभी लोग भारतवंशी एवं हिंदुस्तान नहीं विदेशों के भी हिंदू चाहते हैं कि राम मंदिर का निर्माण हो सुप्रीम कोर्ट का फैसला हो गया है तो बीजेपी इसे भुनाने में लगी हुई है ।

महाकाल मंदिर के लिए 300 करोड़ की योजना।
आज तक न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए कमलनाथ ने कहा कि हमने हमेशा अपने धार्मिक पक्ष को व्यक्तिगत रूप से धार्मिक आस्था के साथ जोड़ कर रखा है। मैं हिंदू हूं और हिंदू होने के नाते मेरी अपनी आस्था है मेरा अपना धार्मिक विश्वास है । उन्होंने कहा कि मैंने महाकाल मंदिर के लिए 300 करोड रुपए की योजना बनाई लेकिन हमने इसका कभी राजनीतिक प्रचार नहीं किया देश में सबसे अधिक और साला मेरी शासनकाल में ही मध्यप्रदेश में बनाई गई ।

 

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